मंगलवार, 27 मई 2014

भवरानी

छोटा बच्चा पत्थर फेंकते आप ने देखा होगा, पत्थर फेकनें का कोई एक आधार होता हैं, अर्थात किसी आनंद या हानि पहुँचाने के लिए इस प्रकार का कदम उठता हैं जो एक लक्ष्य होता हैं, ठीक उस क्रिया की तुलना में दूसरा बच्चा सकारात्मक सोच के साथ वैसी किया करता तो लक्ष्य पा जाता, परन्तु अलक्षित परिणाम से वैसा ही करता तो नकारात्मक सफलता मिलती हैं.या प्रारंभिक उत्साह में ढील दे देता तो भी सफलता में स्थित नहीं कर पाता. इस प्रकार का क्रम के कर्म करता हैं तो बचपन का पौधा भविष्य का पेड़ यथा कर्म का फलदायी होगा.

कुंवर ओंकार सिंह मडलावत  

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